December 12, 2017

आरा लोकसभा चुनाव-2014

Photo GalleryBy wmadmin123 - Mon Oct 21, 10:57 am

आगामी लोकसभा चुनाव 2014 सर पर है। सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने लोकसभा क्षेत्राांे में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाने में व्यस्त हैं। एक से बढ़ कर एक दिग्गज अपनी ताल ठोकते नजर आ रहे हैं। जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है भेाजपुर की सड़कों पर एक से बढ़कर एक सवाल उठ रहे हंै। सवाल कि आखिर कौन बनेगा भोजपुर का राजाभोज? हालांकि अभी पार्टियांे द्वारा प्रत्याशी तो घोषित हुए नहीं, बावजूद इसके यहां प्रत्याशियों को लेकर गहमा-गहमी बढ़ गई है। अलग-अलग पार्टियों द्वारा कार्यकzम आयोजित किये जा रहे हैं। राजद, लोजपा, भाजपा सभी पार्टियां मतदाता को लूभाने में जुटे हुए हैं। भाजपा की ओर से पूर्व उपमुख्यमंत्राी सुशील कुमार मोदी और राजीव प्रताप रूड़ी जैसे भाजपा के दिग्गज नेता यहां का दौड़ा कर चुके हैं। वहीं राजद की ओर से तेजस्वी और लोजपा की ओर से अन्य नेता के अलावा चिराग पासवान लगातार कार्यकzम कर रहे हैं। लेकिन जदयू ने किसी भी तरह का कोई कार्यकzम नहीं कराया। वैसे भी पहले जब दो बार मुख्यमंत्राी के कार्यकzम यहां आयोजित किये गये थे तब खुद मुख्यमंत्राी नहीं आये, जिसे लेकर एक बार जदयू के दो गुटों में बवाल भी मचा था और जमकर कुर्सियां चली थी। दूसरी तरपफ लालू यादव ने भी भोजपुर के लोगांे और युवाआंे को अपनी तरपफ आकर्षित करने के लिए पुत्रा तेजस्वी यादव को आगे बढ़ाया है। अनेकों बार तेजस्वी अलग-अलग कार्यकzमांे के बहाने भोजपुर का दौरा कर चुके हैं। हालांकि तेजस्वी एक किzकेटर रहे हैं और किzकेट में उनका कैरियर असपफल रहा है। अब सवाल उठता है राजनीतिक मैदान में ये कितने सपफल होते हैं? यह तो 2014 के लोकसभा चुनाव मंे ही पता चल जायेगा। इध्र रामविलास पासवान ने भी भेाजपुर के लोगांे और युवाओं के दिल जितने के लिए अपने बेटे और हिन्दी पिफल्म ‘मिलंेगे-मिलेंगे’ के अभिनेता चिराग पासवान का सहारा लेना शुरू कर दिया है। रामविलास ने चिराग को लोजपा केंदzीय संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बना डाला। इनकी कहानी भी तेजस्वी की तरह है। चिराग बनना तो चाहते थे अभिनेता लेकिन वे सपफल नहीं हो पाये और चले आये अपने पिता की बागडोर संभालने। हालांकि भेाजपुर में दौरे के मामले में तेजस्वी से भी आगे निकल गये चिराग। लोजपा चली गांव की ओर के माध्यम से संदेश, आरा, पिरो और तरारी में कार्यक्रम आयोजित कर चुके हंै। राष्ट्रवादी किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बरमेश्वर मुखिया के पुत्रा कुमार इंदुभूषण ने भी चुनाव लड़ने का एलान किया है। बरमेश्वर मुखिया की हत्या के बाद से भूमिहार समाज का एक बड़ा खेमा जदयू से नाराज चल रहा है। ऐसे मंे अगर भूमिहारांे की यह नाराजगी कायम रह जाती है तो भेाजपुर का चुनाव अवश्य ही एक दिलचस्प मोड़ लेगा। उध्र भेाजपुर जिला कांगzेस कला-सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष और भेाजपुरिया युवा कल्याण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भोजपुर के सुप्रसि¼ युवा गायक मुक्तेश्वर उपाध्याय का नाम भी सामने आ रहा है। हालांकि मुक्तेश्वर अपनी पार्टी भेाजपुरिया युवा कल्याण समिति के द्वारा ही चुनाव लड़ने का संकेत दिया है। श्री उपाध्याय एक वरिष्ठ कांगzेसी नेता हैं। उन्हें अच्छी तरह मालुम है कि भेाजपुर में कांगेzस में नेताआंे की कमी नहीं है लेकिन कार्यकर्ताओं की कमी जरूर है। लिहाजा, मुक्तेश्वर उपाध्याय भेाजपुरिया युवा कल्याण समिति के द्वारा ही चुनाव लड़ने का मन बना रखा है।

हालांकि भोजपुरिया युवा कल्याण समिति के कार्यकर्ताअंांे की मानें तो अभी कुछ तय नहीं किया गया है, कि किस उम्मीदवार को वहां से लड़ाना है। इध्र जदयू प्रत्याशियों के सामने इस बार एक नहीं कई समस्याएं सुरसा की तरह मुंह पफाड़ कर इंतजार कर रही है। जदयू प्रत्याशी को भाजपा और राजद से चुनौती तो मिलेंगी ही साथ ही कुमार इंदुभूषण और मुक्तेश्वर उपाध्याय से भी चुनौती मिलने की उम्मीद है। हालांकि अभी न तो भाजपा से कोई नाम तय किया गया है और न ही राजद से। लेकिन भाजपा कार्यकर्ताआंे की मानें तो राजीव प्रताप रूड़ी, जर्नादन सिंह सिगzीवाल, अवध्ेश नारायण सिंह, अमरेन्दz प्रताप सिंह, लवली आनंद सहित संजय सिंह टाईगर के नामों की चर्चा जोरोें पर है। उध्र इस सीट पर राजद-लोजपा दोनों अपनी दावेदारी के मुड में है। राजद की तरपफ से राघवेन्दz प्रताप सिंह, भाई दिनेश, डा. कांति सिंह का नाम सामने आ रहा है। हालांकि यह सीट पूर्व में लोजपा के हिस्से में था और रामकिशोर सिंह उपर्फ रामा सिंह लोेजपा के उम्मीदवार थे। इस बार भी रामाकिशोर सिंह उपर्फ रामा सिंह भेाजपुर के दौरे पर हैं।

Leave a Reply

Powered By Indic IME