December 12, 2017

दरभंगा: विधान परिषद चुनाव में जीत गई बीजेपी ः नमो के नाम पर बन गया काम

By wmadmin123 - Fri Aug 21, 7:35 am

रामकुमार झा

बिहार विधन परिषद के स्थानीय निकाय चुनाव में इस बार राजग गठबंध्न समर्थित उम्मीदवार सुनील कुमार सिंह की जीत एवं जनता परिवार समर्थक राजद प्रत्याशी मिश्री लाल यादव का 942 मतों से पराजित होना इस बात को सि( कर गया कि इस क्षेत्रा में आज भी नमो का जादू कायम है। विधन परिषद चुनाव के इस परिणाम के बाद महागठबंध्न अपनी हार की समीक्षा में जुट गया है। आमने-सामने की सीध्ी टक्कर में जातीय समीकरण ध्वस्त हो गया। इस चुनाव मंे मत डालनेवाले मतदाता वैसे लोग थे जिन्हें कम से कम ढ़ाई से तीन सौ आम मतदाताओं ने चुनकर आम से खास बनाया था। चाहे वो वार्ड मेम्बर हो, पंचायत समिति हो, मुखिया हों, जिला परिषद सदस्य हो या नगर निगम, नगर परिषद एवं विधानसभा, लोकसभा सदस्य। इन्हीं जनप्रतिनिध्यिों के मतों से निर्वाचित होनेवाले इस चुनाव के निर्वाचित प्रतिनिध् िको खासों का खास कहा जाय तो कोई  अतिशयोक्ति नहीं होगी। चुनाव मैदान में उतरे विभिन्न जाति ध्र्म के दस प्रत्याशियों को मिले मतों को अगर देखा जाय तो इस चुनाव में मतदाताओं के द्वारा जाति-ध्र्म की राजनीति से उफपर उठकर किये गये मतदान से लोगों में जागरूक होने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हंै। क्यांेकि इस चुनाव में ब्राह्मन, यादव, पासवान, अल्पसंख्यक सहित कई जातियों के लोग अपना किस्मत आजमा रहे थे लेकिन पहली बार अध्किांश मतदाताओं ने अपने मतों का महत्व समझते हुए अपना मत वहीं डालने का काम किया जहां उन्हंे अपने मतों की सार्थकता महसुस हुई। जिस वजह से विजेता एवं उपविजेता प्रत्याशियों को छोड़कर अन्य आठ प्रत्याशियों में से किसी को भी सैकड़ों की संख्या में मत प्राप्त नहीं हो सका। आमने-सामने की सीध्ी टक्कर में जहां भाजपा प्रत्याशी सुनील कुमार सिंह को विगत चुनाव में हार की सीख से मिली सबक के बाद जन प्रतिनिध् िमतदाताओं के साथ ताल मेल बनाये रखने का पफायदा मिला। वहीं राजद के मिश्री लाल यादव को अति उत्साह में चुनाव लड़ने एवं मतदाताओं के साथ सम्बंध् बनाकर नहीं रखने का खामियाजा भुगतना पड़ा। वैसे अपने पराजय के बाद पूर्व विधन पार्षद श्री यादव ने अपनी हार का ठीकरा अपने सहयोगी दल के नेताआंे एवं कई अपने दल के नेताओं के द्वारा भितरघात किये जाने की बात कही गयी है। वहीं सुनील कुमार सिंह ने त्रिस्तरीय पंचायत के सभी मतदाता एवं गठबंध्न के सभी नेताओं के सहयोग से जीतने की बात कही। महज दो से तीन महीने बाद होने वाले विधनसभा चुनाव में इस चुनाव का बहुत प्रभाव पड़ने के आसरा लोगों को दिखाई देने लगे हंै जिस वजह से वैसे विधनसभा क्षेत्रा जहां लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बाद ही राजग गठबंध्न के प्रत्याशी सांसद कीर्ति झा आजाद को बढ़त हासिल नहीं हो पायी थी वैसे विधनसभा में भी लोगों को अब आगामी विधनसभा चुनाव मंे राजग गठबंध्न की जीत की आस दिखने लगी है, जिसका मूल कारण यह भी माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में राजद प्रत्याशी सह पूर्व केन्द्रीय मंत्राी मो. अली अशरपफ पफातमी की पराजय के बाद विगत चुनाव में पूर्व विधन पार्षद मिश्री लाल यादव का पराजय माई समीकरण में दरार का परिणाम है। अगर जानकारों का यह तर्क सटीक बैठा तो आगामी विधनसभा चुनाव में जिले के दस विधनसभा क्षेत्रों के दो राजद के कब्जा वाले दरभंगा ग्रामीण एवं अलीनगर, जदयू के कब्जे वाले तीन विधनसभा क्षेत्रा बहादुरपुर, जाले एवं गौड़ाबौराम की तस्वीर बदल सकती है। वैसे भजपा के कब्जा वाले दरभंगा शहर, बेनीपुर, हायाघाट, केवटी एवं कुशेश्वरस्थान की अगर चर्चा की जाय तो इन पांच में से एक कुशेश्वरस्थान के महेश्वर हजारी तो चुनाव से पूर्व हीं पार्टी को त्यागकर जदयू में शामिल होने का मन बना लिया। वहीं हायाघाट विधनसभा क्षेत्रा के वर्तमान भाजपा विधयक अमरनाथ गामी पार्टी के गले की हड्डी बनी हुई है। कारण चाहे जो हो ये तो अंदर के लोग ही जान पायेंगे लेकिन विगत एक डेढ़ साल से विधयक अमरनाथ गामी अपनी नाराजगी से बार-बार पार्टी आलाकमान को अवगत कराते रहे हैं चाहे वह पत्रा के माध्यम से हो या समाचार पत्रा के माध्यम से। लेकिन आज तक पार्टी उन्हें मुक्त करने के मामलों पर चुप्पी साध्े रही है। लेकिन इतना तय है कि विधयक श्री गामी अपने स्तर से भाजपा को छोड़ चुके हंै। इस स्थिति में भाजपा के पास वर्तमान में छह में से मात्रा तीन विधनसभा में ही कब्जा देखा जा रहा है। विधन परिषद चुनाव में भजपा प्रत्याशी सुनील सिंह की जीत एवं राजद प्रत्याशी पूर्व विधन पार्षद मिश्री लाल यादव की हार के सम्बंध् में विभिन्न दलों के स्थानीय नेताओं का विचार भी भिन्न-भिन्न है। इस सम्बंध् में पूछे जाने पर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रा से विधन पार्षद रहे एवं जदयू के मिथिलांचल के वरिष्ठ नेता डाॅ. विनोद कुमार चैध्री का कहना है कि-‘बिहार विधन परिषद के स्थानीय निकाय चुनाव में गठबंध्न के उम्मीदवार मिश्री लाल यादव की हार का मुख्य कारण आपसी तालमेल का अभाव तथा चुनाव का ध्न-बल का भारी पैमाने पर प्रयोग है। राजनीति में एक नयी संस्कृति का तेजी से विकास हो रहा है जिसमें सामाजिक सरोकार ध्न से पिछड़ता जा रहा है। यह पनप रही नई संस्कृति स्वच्छ एवं मूल्यों की राजनीति करने वालों के लिए चिंता की बात है। वैसे मिश्री लाल यादव के चुनाव के दौरान भितरघात की चर्चा लगातार होती रही जिससे समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा है। वहीं लोजपा के नगर उपाध्यक्ष एवं निगरानी समिति सदस्य देवेन्द्र कुमार झा सुनील कुमार सिंह की जीत का कारण राजग गठबंध्न के साथ लोजपा का होना मान रहे हैं। उनका कहना है कि राम विलास पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी का इतिहास रहा है कि वे जिस गठबंध्न के साथ रहे हैं उनका विजय होता रहा है और यही हाल आगामी विधनसभा चुनाव में भी होगा। वहीं भाजपा के महिला मोर्चा प्रदेश मंत्राी अंजनी निषाद का कहना है कि सुनील कुमार सिंह की जीत का कारण महिला जन प्रतिनिध्यिों का समर्थन रहा है। क्योंकि श्री सिंह के द्वारा महिलाओं का सम्मान किया जाता रहा है। पिछली बार भी जब वे हार गये थे तब भी वे हार नहीं माने थे उनका विश्वास नहीं हारा था। वे कड़ी मेहनत करते रहे। ध्ूप मंे, सर्दी में, बरसात में भी जनता के बीच उनके सुख-दुख में साथ बने रहे जिसका पफल है कि लोगों ने उन्हें वोट देकर उनके सर पर जीत का सेहरा बांध् दिया। आशा करती हूं कि वे विकास की गाड़ी को आगे बढ़ाते रहेंगे।’ वहीं भाजपा नगर महामंत्राी मीणा झा ने सुनील सिंह की जीत का कारण उनमें मेहनत करने की क्षमता, विकास की सोच एवं महिला पार्षदों के लिए अध्कि से अध्कि स्पष्ट नजरिया रखने एवं जात-पात से उफपर उठकर जन प्रतिनिध्यिों के लिए काम करने की लगन एवं स्वच्छ छवि के कारण मुखिया, वार्ड पार्षद सरपंच, वार्ड सदस्य एवं राजग गठबंध्न के बहुत बड़ा सहयोग के कारण जीत मिली है। उनकी जीत पर सांसद कीर्ति झा आजाद, विधयक संजय सरावगी, गोपालजी ठाकुर, डाॅ. अशोक कुमार यादव, मेयर गौड़ी पासवान, भाजपा जिलाध्यक्ष हरि सहनी, पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश साह, महिला मोर्चा नेत्राी ध्र्मशीला गुप्ता, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रेखा झा, पूर्व जिला महामंत्राी अनील कुमार झा, लहेरियासराय नगर मंडल अध्यक्ष आदित्य नारायण झा, चैध्री मुन्ना, उमेश चैध्री, मुकुन्द कुमार चैध्री, पार्षद अशोक कुमार सहित भाजपा एवं राजग गठबंध्न के सभी लोगों ने प्रसन्नता जाहिर की।

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