October 21, 2017

नये धार्मिक सीरियल के कलाकारों को नहीं मिल रही ख्याति

Photo GalleryBy wmadmin123 - Thu Oct 24, 7:35 am

छोटे पर्दे पर सबसे पहला चर्चित धर्मिक सीरियल ‘रामायण’ था। रामानंद सागर द्वारा निर्मित-निर्देशित रामायण की लोकप्रियता इतनी थी कि लोग सारे काम-काज छोड़कर टीवी के सामने बैठते थे। ये कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि इस धरावाहिक के चलते टीवी चर्चित हुआ। कई लोगों ने रामायण और महाभारत देखने के लिए टीवी खरीदें। राम बने अरुण गोविल और सीता बनी दीपिका की तस्वीर लोग पूजने लगे। दीपिका संसद तक पहुंच गई। दारा सिंह को भी हनुमान से विशेष ख्याति मिली। बीआर चोपड़ा के महाभारत के प्रसारण के वक्त गलियां सुनसान हो जाती थी। लोग रविवार का बेसबzी से इंतजार करते। पिफल्मों में असपफल हो चुके भीष्म बने मुकेश खन्ना के कैरियर में महाभारत संजीवनी बन कर आया। इसके बाद के चरित्रा कलाकार के रूप में पिफल्मों में भी जम गये। महाभारत के सारे अभिनेताअेां को अपार ख्याति मिली। सिपर्फ ये कहकर इनकी लोकप्रियता को इगनोर नहीं किया जा सकता कि सब कुछ पहली बार हुआ। ऐसा होता तो क्रियेटिव आई का ‘ओम नम: शिवाय’ ;डीडीवनद्ध और संजय खान का ‘जय हनुमान’ ;डीडीवनद्ध पिफर हिट नहीं होता। कोई भी सपफल पौराणिक सीरियल देखें तो उसके पात्राों को देखकर लगता है कि मानो ये कलाकार इसी भूमिका के लिए बनें हो। वर्तमान में सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है महादेव धरावाहिक।


“कई बार अभिनेताओं की कमजोरी छुपाने के लिए भी तकनीकी भव्यता का सहारा लिया जाता है। नये महाभारत में कई सारे अभिनेता अपने कैरेक्टर मंे पिफट नहीं हैं पर उनकी अपनी लोकप्रियता है जिसे भुनाने की कोशिश की गई है।”
ध्नंजय सिंह ‘मासूम’
क्रिएटिव डायरेक्टर

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