September 19, 2018

‘फ्रैंडली बास बनकर आप अपने संस्थान के कर्मचारियों का बेस्ट परफार्मेंस हासिल कर सकते हैं

By wmadmin123 - Wed Feb 26, 11:27 am

सामान्य कदकाठी पर ओजस्वी व्यकितत्वऋ बातों में गजब की उफर्जाऋ आंखों में हमेशा कुछ बेहतर कर दिखाने के सपनेऋ मिलनसार ऐसा कि आज के इस मैटरलिसिटक वल्र्ड में आपको यकीन न होऋ अभिमान अपनी कार्यकुशलता पर किंतु दंभ बिल्कुल नहींऋ आज के जेनेरेशन की चतुरार्इ पर संभ्रांत परिवार की देन शालीन व्यवहारऋ मार्डन सोच के साथ हिन्दी और अंग्रेजी भाषा पर एक समान अधिकार.. ये हैं पटना के सगुना मोड़, बेली रोड सिथत उफर्जा निस्सान और जोडिएक पफोर्स मोटर्स के एमडी 26 वर्षीय राहुल जिनसे आप एक बार मिलेंगे तो मुरीद हो जाएंगे। पिछले दिनों ‘बिहार के युवा उधमी विषय पर न्यूज-स्टोरी के सिलसिले में भेंट राहुल से हुर्इ। सबसे अच्छी बात मुझे यह लगी कि वे अपनी बात के ध्नी और स्पष्ट वक्ता हैं। न कोर्इ नाज, न नखरे। बेहद सहज व्यकितत्व। अपने व्यस्त शिडयूल से ‘लोक प्रसंग के लिए समय निकाला और पिफर शुरू हो गयी बातों का सिलसिला। व्यवसाय को कैरियर बनाने वाले युवा यदि सपफलता की सीढ़ी चढ़ते हुए एक अलग पहचान बनाने लगते हैं तो वे दूसरे युवाओं के भी प्रेरणाश्रोत बन जाते हैं।
स्वरोजगार की ओर उन्मुख राहुल ने अपनी शुरूआती पढ़ार्इ डान बास्को स्कूल पटना से की। उसके बाद कोटा में आर्इआर्इटी की तैयार हेतु गये। दुर्भाग्य से आर्इआर्इटी में तो सेलेक्ट नहीं हो सके पर निराश नहीं हुए। बकौल राहुल-’ मैंने टि्रपल आर्इआर्इटी, ग्वालियर से बी-टेक किया। वहां से मुझे क्रमश: तीन कंपनियों–विप्रो, एचपी और एचसीएल में प्लेसमेंट मिला पर मेरी सोच ने मुझे स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। सौभाग्य से मेरे घर में बिजनेस का माहौल पहले से था। मेरे पिता व भार्इ मेडिसिन के बिजनेस में थे। 35 वर्ष पुराना, मेडिकाना नाम का प्रतिषिठत मेडिसिन प्रतिष्ठान हमारे परिवारवालों के परिश्रम और लगन का सुखद परिणाम है। छोटी-सी एक दूकान से मेडिसिन नेटवर्क में तब्दील हुए हमारे व्यवसाय ने भी मुझे प्रेरणा दी और मैंने ठान लिया कि मैं स्वरोजगार ही करूंगा।
कहते हैं न कि यदि आपका निश्चय दृढ़ हो तो र्इश्वर संयोग भी बेहतर बना देते हैं। उसी बीच ;मर्इ 2012 मेंद्ध पफोर्स मोटर से संपर्क हुआ। पटना के लिए कंपनी नयी थी पर प्रोजेक्ट पसंद आया। कंपनी वालाें से अच्छा सहयोग मिला। बैंक वालों का भी सराहनीय सहयोग मिला। पफोर्स मोटर्स में हमारे प्रतिष्ठान ‘जोडएक पफोर्स के सर्वाधिक विक्रय का कीर्तिमान था। इससे प्रभावित हो निस्सान ने संपर्क किया। 26 दिसंबर 2012 को निस्सान से हरी झंडी मिल गयी। मार्च 2013 तक सारा इन्प्रफास्ट्रक्चर तैयार हुआ। 15 जून 2013 को उफर्जा निस्सान आरंभ हुआ।
पाजिटिव अप्रोच से लबरेज राहुल कहते चले गये। ‘आप अपनी सपफलता का श्रेय सिपर्फ खुद नहीं ले सकते। आपके साथ काम करने वाला आपके एक अदने से कर्मचारी भी आपकी सपफलता में सहयोगी होता है। सहयोग और मित्राभाव से यदि आप अपने अध्ीनस्थों से काम लेंगे तो वे अपना सर्वश्रेष्ठ आपके संस्थान को देने के लिए प्रेरित होंगे। प्रफैंडली बास इज नीड आपफ सक्सेसपफुल बिजनेस। यह बात मैंने गूगल में इंटर्नशीप करते हुए सीखी। बात चाहे उफर्जा निस्सान की करूं या जोडएक पफोर्स की, दोनों ही संस्थान के सेल्स, बैक आपिफस, प्रफंट आपिफस और सर्विस डिपार्टमेंट के स्टाफ्रस से मुझे सराहनीय सहयोग मिला है।बिहार के युवा जो स्वरोजगार में आना चाहते हैं, के लिए राहुल की बेबाक राय है–’पहले खुद को यह भरोसा दिलाओ कि आप जो भी करोगे अपना हंड्रेड पर्सेंट इपफर्ट लगाओगे। आप सभी में क्षमता अनंत है। यदि आपकी योजना, आपका प्रोजेक्ट व्यावहारिक हो तो बैंक आपका सहयोग अवश्य करेगा। मेरे पास शुरूआत में क्या था। मैंने पफोर्स व निस्सान कंपनी से जुड़ कर प्रोजेक्ट बैंक को दिया। शुरू में  देना बैंक और बाद में भारतीय स्टेट बैंक ने मेरी अपेक्षित सहायता की। बिहार के विकास में युवाओं के योगदान वाले एक प्रश्न के जवाब में राहुल की त्वरित प्रतिक्रिया थी-’मेरे हिसाब से राज्य से पलायन करना कतर्इ बु(िमत्ता नहीं है। पलायन से हमेशा बेहतर है कि युवा बिहार में रहकर ही स्वरोजगार में लगें और राज्य के विकास में योगदान करें। मेरी मान्यता है कि बिहार के विकास में यंग जेनेरेशन का योगदान हमेशा अधिक होना चाहिए। सबसे बड़ी बात है कि यदि आप किसी बड़ी कंपनी से जुड़ जाएं तो स्टाक में आपका कुछ भी पैसा नहीं लगता है, सिपर्फ इन्प्रफास्ट्रक्चर में लगता है जो कि बैंक से टर्म लोन के रूप में लिया जा सकता हैऋ बशर्ते कि आपके पास ढंग का प्रोजेक्ट और प्लानिंग हो। राहुल राजनीति से प्रभावित हैं और क्या वे देर-सवेर राजनीति में आना चाहेंगे? त्वरित उत्तर था-’मैं राजनीति में नहीं आउफंगा, राजनीति करने वाले अपना योगदान दे ही रहे हैं। मैं भी बिजनेस करके सेल्स टैक्स, वैट, सर्विस टैक्स देते हुए अपने राज्य के विकास में योगदान कर रहा हूं।त्र Rahul Kumar

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