September 19, 2018

मंच पर दिखे कर्इ दागी चेहरे

By wmadmin123 - Wed Feb 26, 12:50 pm

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नीतीश बांका जिला आए और संकल्प रैली में बड़ी-बड़ी बातें कर वापस भी चले गए। लेकिन वे अपने पीछे छोड़ गए हैं कर्इ बड़े सवाल। सवाल यह कि दागियों पर इतने मेहरबान क्यों हैं नीतीश? दागियों से प्रेम और सुशासन का दावा यह कितना उचित है? संकल्प रैली के मंच पर कर्इ दागी चेहरे उनके इर्द-गिर्द मौजूद थे। बीते 29 जनवरी 2014 बांका जिले के रजौन प्रखंड के तेरह मार्इल चकमुनियां नामक स्थान पर जदयू की संकल्प रैली का आयोजन किया गया जिसमें मुख्यमंत्राी नीतीश कुमार अपने कर्इ मंत्रियों, विधयकों एवं सांसदों के साथ शिरकत करते नजर आए। रैली में जदयू नेताओं ने भाजपा, राजद एवं कांग्रेस पर जमकर निशाना साध। प्रदेश जदयू अèयक्ष व सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को लेकर अभी उलझन में पड़ा हुआ है। बीजेपी ने ऐसे लोगों को कमान सौंपी है जिसे देश के सभी समुदाय के लोगों को स्वीकार नहीं है लेकिन जदयू ने विकास को झोपडि़यों तक पहुंचाया है। जल संसाध्न मंत्राी विजय कुमार चौध्री ने कहा कि यह रैली बिहार को बनाने एवं बचाने का संकल्प लेने के लिए आयोजित की गर्इ है। जमुर्इ के सांसद भूदेव चौध्री मंचाशीन थे। सांसद भूदेव चौध्री की पत्नी पर 10.67 लाख का जुर्माना लगा है। भागलपुर के तत्कालीन जिला पदाधिकारी प्रेम सिंह मीणा ने रजिस्ट्री करने वाले स्टांप शुल्क की चोरी का मामला सही पाते हुए सांसद की पत्नी इन्द्राणी चौध्री पर 10.67 लाख का जुर्माना लगाया है। ज्ञातव्य हो कि स्टांप शुल्क चोरी का साढे सात साल पुराना यह मामला पिछले माह तब सामने आया जब सांसद भूदेव चौध्री ने डीसीएलआर सुध्ीर रंजन की मिलीभगत से भागलपुर के काजीचक के एक विध्वा की दो मंजिला मकान पर  कुछ दिन पहले कब्जा कर लिया और इसमें रहने वाले परिवार को भरी सर्दी में सड़क पर निकाल-बाहर किया। इतना ही नहीं उस मकान को राताें रात जेसीबी से तुड़वा दिया। पिफलहाल  मकान कब्जा प्रकरण में भूदेव बूरी तरह घिर चुके हैं। सीजेएम कोर्ट से उनके खिलापफ थाने में रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश हुआ है और सबजज कोर्ट में टार्इटिल शूट पर सुनवार्इ चल रही है। ऐसे दागी चेहरे नीतीश की संकल्प रैली में उनकी पंकित में बैठे नजर आए जो लोगों को गवारा लगा। और दुस्साहस देखिये अपने संबोध्न में उन्होंने कहा कि लालू राज में चौक-चौरहों पर शरीपफ नजर नहीं आते थे, गुंडे-बदमाश ही दिखार्इ पड़ते थे, नीतीश के राज में सब बदल गया है। लेकिन उनकी करनी जनता के सामने है। संकल्प रैली में दूसरे दागी अमरपुर के विधयक जनार्दन मांझी नीतीश की पंकित में नजर आये जिनका कारनामा लोगों से छिपी नहीं है। उन्होंने अपने पुत्रा के नाम से बालेश्वर दास ;बौंसीद्ध के बंदोवस्त जमीन का ही केवला करवा लिया। मामला यह था कि सरकार द्वारा बालेश्वर दास को 47 डिसमिल जमीन 1988-89 में बंदोबस्त किया गया था जिसका खाता 91 एवं खेसरा 91 है। इससे चार कटठा जमीन विधयक ने अपने पुत्रा के नाम निबंधित करा लिया। ऐसे चेहरे नीतीश की संकल्प रैली की शोभा बढ़ा रहे थे। उन्होंने अपने उदबोध्न में कहा कि बिहार में लोकसभा की 40 सीटों पर जदयू को विजय बनावें।
नीतीश कुमार ने अपने उदबोध्न में कहा कि विशेष राज्य की लड़ार्इ जीतने तक हम चैन से नहीं बैठेगें। दिल्ली वाले ;कांग्रेसद्ध ने बिहार से धेखा किया है। कांग्रेस से बदला लेने के लिए लोकसभा चुनाव में जदयू को वोट दें। बिहार के विकास के प्रति अपनी प्रतिब(ता दोहराते हुए कहा कि यदि हम 2015 तक लोगों को बिजली नहीं दे पाए तो वोट मांगने नहीं आएंगे।
भाजपा से होने वाले खतरे से लोगों को अगाह कराते हुए उन्होंने कहा कि सूबे में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए जान की बाजी लगा देंगे। ज्ञातव्य हो कि जदयू का बांका में यह सातवीं रैली थी। संकल्प रैली में विरोधियों पर खूब तीर चलाया गया साथ ही जनता से तीन संकल्प करवाये-पहला : किसी भी कीमत पर सामाजिक सदभाव बिगड़ने नहीं देंगे। दूसरा : भागलपुर और बांका संसदीय सीट जदयू की झोली में डालेंगे एवं तीसरा : बेटा या बेटी स्कूल जरूर भेजेगें, समाज पढ़ेगा तब आगे बढ़ेगा।
पुतुल कुमारी पर कटाक्ष: हाल ही में भाजपा में शामिल हुर्इ पुतुल कुमारी पर कटाक्ष करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि लोकसभा के चुनाव में उन्हें पता चल जाएगा कि दल बदलने से या हमसे दूर जाने का क्या परिणाम होता है। उन्हाेंने आगे कहा कि पुतुल कुमारी मेरे पास आयी थीं और कहा कि हमारा नाम लोकसभा उम्मीदवार के रूप में घोषित कर दीजिए। हमने कहा कि हमारे साथ आप रहिएगा तो आपके नाम की घोषणा कर दी जाएगी। लेकिन वह चली गर्इं। हमने उन्हें नहीं छोड़ा है वे खुद जदयू छोड़कर चली गर्इ। उन्होंने आगे कहा कि यह सब हवाबाजी का परिणाम है।
कुल मिलाकर कहा जाय तो इस संकल्प रैली में सीएम को अपनी पीड़ा नहीं सुना पाए सैकड़ों लोग। इस रैली में आए कर्इ पफरियादियों की आवाज गुम होकर रह गर्इ। प्रशासन ने इस कदर चुस्त-दुरूस्त व्यवस्था रखी थी कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। ऐसे दूर-दूर से आर्इ असहाय महिलाओं की पफरियाद मुख्यमंत्राी तक नहीं पहुंच सकी। दुष्कर्म सहित हत्या का शिकार हुर्इ रजौन के चकसकिया गांव की छह वर्षीया नाबालिग करीना के परिजनों ने हत्यारों को पफांसी देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्राी के सभा स्थल पर पहुंचे थे, उनके हाथोें में बैनर व तखितयां थी जिसपर लिखा था ‘हत्यारों को पफांसी दो एवं उचित मुआवजा दो। लेकिन प्रशासन ने किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए उनलोगाें को सभास्थल पर जाने से ही रोक दिया। उसकी पफरियादियों की आवाज मुख्यमंत्राी तक नहीं पहुंच सकी। त्र

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