December 12, 2017

मुस्लिम सियासत को नई दिशा देने में जुटे अशफाक

By wmadmin123 - Tue Aug 18, 10:11 am

विकास कुमार

‘अल्पसंख्यक समाज के लोग अब भय और संशय की राजनीति में नहीं पड़ेंगे। 67 साल के बाद एक नये दौर में मुस्लिम राजनीति आ गयी है। पहले कांग्रेस की गुलामी पिफर लालू और नीतीश की गुलामी करने वाला मुस्लिम जमात इस प्रथा को नहीं ढोएंगे। दरअसल, इस गुलामी के जड़ में आरएसएस व बीजेपी का भय दिखाकर अल्पसंख्यकों को डराने की राजनीति कर रहे कांग्रेस और राजद की बदनीयत थी। बाद में ;भाजपा से अलग होने के बादद्ध नीतीश भी अल्पसंख्यकों को इसी तर्ज पर अपने वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने की पिफराक में रहे हैं। पर अब कांग्रेस, राजद और जदयू के छलावे में बिहार के मुसलमान नहीं आयेंगे। अब बिहारी अल्पसंख्यकों को दबाया नहीं जा सकता। राजनीति के जानकार मुसलमानों को पहले कांग्रेस और बाद में राजद-जदयू का सहयोगी मानते रहे हैं पर सहयोगी की इस भूमिका में मुसलमानों को हासिल क्या हुआ? इस संप्रदाय ने तहेदिल से कांग्रेस, राजद और जदयू को अपना समर्थन दिया। उनके वायदे पर एतबार किया पर हर बार बुरी तरह ठगे गये। पर अब यहां के मुसलमान ठगों की पहुंच से बाहर आ गये हैं। अब हमारे ध्र्मनिरपेक्ष गठबंध्न की ओर देख रहे हैं। ये उद्गार है जनतादल राष्ट्रवादी के राष्ट्रीय संयोजक अशपफाक रहमान के। विधनसभा चुनाव 2015 के मद्देनजर मुस्लिम राजनीति पर चर्चा के दरम्यान अशपफाक आगे बताते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि हमारे गठबंध्न में अब तक ठगे गये मुस्लिम जमात के अलावे सभी प्रमुख राजनीतिक दलों में उपेक्षा का दंश झेल रहे विभिन्न जातियों के सुसभ्य, समझदार एवं चर्चित चेहरे चर्चित लामबंद हो चुके हैं। दबे कुचलों को राजनीतिक भागीदारी देने के नाम पर परिवारवाद और वंशवाद को तवज्जो देने वाले राजद व कांग्रेस से त्रास्त पिछड़े समुदाय के लोग भी अब हमारे गठबंध्न के बैनर तले आ रहे हैं। इसलिए हमारी कोशिश मुस्लिम राजनीति को नई दिशा देने के साथ-साथ समाज के सभी तबकों को साथ लेकर चलने की है। हम एक ऐसे बिहार का निर्माण करना चाहते हैं जहां कार्य संस्कृति की प्रधनता हो, सबको समान अवसर मिले। विधनसभा चुनाव 2015 में जनता दल राष्ट्रवादी के नेतृत्व वाला हमारा ध्र्मनिरपेक्ष गठबंध्न बिहार की जनता का भरपूर समर्थन हासिल कर सरकार बनाने में अहम भूमिका अदा करेगा।’
क्या आपका गठबंध्न चुनाव बाद किसी दल से गठबंध्न कर सरकार में शामिल होगा? इस प्रश्न के उत्तर में गंभीर होकर अशपफाक रहमान कहते हैं-‘यह तो बाद की बात है। पर मैं बिहार की जनता को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि किसी भी स्थिति में उनके अनमोल मतों का अनादर नहीं होने देंगे। बिहार की बेहतरी के लिए चुनाव बाद उपर्युक्त निर्णय लिया जाएगा।’
पिफलवक्त हमारे गठबंध्न का ध्येय है कि मुस्लिम मतों का बिखराव न हो छद्म ध्र्मनिरपेक्ष दलों की चैकड़ी कांग्रेस, राजद, जदयू और एनसीपी के झांसे में आने से अकलियतों को बचाया जा सके। हमारे समर्पित कार्यकर्ता समान्तर बिहार में मुस्लिम जमात को महागठबंध्न से सावधन करा रहे हैं और राजनीतिक दलों के द्वारा उपेक्षित लोगों को एक झंडे के नीचे ला रहे हैं।

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