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श्रीलंका फतह को तैयार विराट सेना!

Posted By wmadmin123 On August 21, 2015 @ 7:15 am In खेल प्रसंग | No Comments

कुन्दन श्रीवास्तव

टीम इंडिया इन दिनों तकरीबन एक महीने के दौरे पर श्रीलंका में है। विराट कोहली की अगुआई में श्रीलंका दौरे पर गई टीम इंडिया का पहला टेस्ट मैच 12 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। श्रीलंका के इस दौरे पर टीम इंडिया को तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलनी है। आॅस्ट्रेलिया दौरे पर खेली गई श्रृंखला के दरम्यान में ही धेनी द्वारा टेस्ट क्रिकेट से सन्यास लेने की घोषणा के बाद विराट कोहली को टीम इंडिया के नेतृत्व का कमान सौंप दिया गया था। ये पहला मौका होगा जब महंेद्र सिंह धेनी का टेस्ट क्रिकेट से सन्यास के बाद विराट कोहली किसी विदेशी सरजमीं पर पूरी टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया की कयादत करेंगे।
श्रीलंका दौरे पर खेली जानी वाली टेस्ट श्रृंखला के लिए टीम इंडिया में जिन खिलाडि़यों का चयन किया गया है उसे देखते हुए इतना तो कहा ही जा सकता है कि ये युवा टीम है। टीम में दायें हाथ के लेग स्पिनर अमित मिश्रा को शामिल किया गया है। इसतरह अमित मिश्रा की टीम इंडिया में लगभग चार वर्षों बाद वापसी हुई है। उन्हें लेग स्पिनर कर्ण शर्मा की जगह शामिल किया गया है। श्रीलंका दौरे के लिए चयन समिति की बैठक में इसबार लेग स्पिनर कर्ण शर्मा और तेंज गेंदबाज मोहम्मद शमी के नामों पर भी विचार नहीं किया गया। चयनकर्ताओं ने इसकी वजह उन दोनों खिलाडि़यों का अनपिफट होना बताया। रविन्द्र जडेजा और सुरेश रैना के नामों पर भी चयनकर्ताओं ने इस मीटिंग में चर्चा तक नहीं की। माना जा रहा है कि ये दोनों महेंद्र सिंह धेनी के कापफी करीबी हैं। शायद इसलिए उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल से इस बारे में पूछा गया तब उन्होंने जो जवाब दिया उससे इतना तो तय हो जाता है कि विराट-धेनी के दरम्यान कहीं न कहीं एक आपसी खामोश जंग जारी है। संदीप पाटिल का कहना था कि-‘हर कप्तान का अपना लुक आउफट होता है और हम उसी के अनुरूप टीम का चयन करते हैं।’ संदीप पाटिल के इन वक्तव्यों से इस बात का एहसास हो जाता है कि चयनकर्ताओं ने सुरेश रैना और रविन्द्र जडेजा के नामों पर तवज्जो क्यों नहीं दी? जबसे रवि शास्त्राी को टीम का निदेशक मुंतखब किया गया है वो एक डिक्टेटरशिप का किरदार निभाते देखे गए। जिसकी वजह से महेंद्र सिंह धेनी को अपनी टेस्ट कप्तानी छोड़नी पड़ी। शास्त्राी चाहते हैं कि कोहली को ही क्रिकेट के तमाम पफार्मेटों का कप्तान बना देना चाहिए। पर ऐसा पफैसला लेने के पीछे कुछ तो वजह होनी भी चाहिए न! धेनी की कप्तानी की सलाहियतों पर आखिर कोई उंगलियां उठाए भी तो कैसे? न तो उनके खुद के पफाॅर्म का ग्रापफ डाउन हुआ है और न ही उनके चातुर्य कप्तानी की कला में गिरावट ही आई है। पिफर किस आधर पर उन्हें टीम इंडिया से बाहर का रास्ता दिखाने की कोई बातें कर सकता है।
टेस्ट श्रृंखला में शिखर ध्वन और मुरली विजय ही टीम इंडिया की पारी का आगाज करेंगे ये तो लगभग तय ही है। इनके अतिरिक्त विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा, अजिंकय रहने, राहित शर्मा पर भारतीय मध्यमक्रम की बल्लेबाजी का दारोमदार रहेगा। टीम में मात्रा एक विकेट कीपर के रूप में आर शाहा को शामिल किया गया है। टीम में चार तेज गेंदबाज उमेश यादव, इशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार और वरूण एराॅन को रखा गया है। टीम में शामिल इन सभी गंेदबाजों को टेस्ट मैचों का कापफी अनुभव प्राप्त है। अनुभवी हरभजन सिंह और आर आश्विन के अलावा चार साल बाद टीम इंडिया में वापसी करने वाले अमित मिश्रा की उपस्थिति हमारे लिए शायद बेहतर साबित हो सकता है।
12 अगस्त 2015 से शुरू होने जा रही भारत श्रीलंका क्रिकेट टेस्ट श्रृंखला में विराट कोहली बतौर कप्तान पहली बार पफुल सीरीज खेलेंग। पिछले 22 वर्षों से भारत, श्रीकांई सरजमीं पर एकदिवसीय श्रृंखला जीत नहीं पाया है। उस लिहाज से विराट कोहली की कप्तानी और उनके खुद के प्रदर्शन पर लोगों की निगाहें टिकी होंगी। विदेशी दौरों पर भारतीय सपफल कप्तानों की बात आती है तब सौरव गांगुली का ग्रापफ औरों से अभी भी कापफी उफपर ही नजर आता है। पिफर भी उन्हें श्रीलंका में टेस्ट श्रृंखला जीतने का सम्मान प्राप्त न हो सका। महेंद्र सिंह धेनी जिन्होंने अपनी बेहतरीन कयादत से टीम इंडिया आईसीसी रैंकिंग में नंबर वन तक पहुंचाया वो भी इस कारनामे को अपने नाम कराने में असपफल ही रहे। 1993 में टीम इंडिया ने श्रीलंका को उनकी ही सरजमीं पर 0-1 से परास्त किया था। अगर उस श्रृंखला को छोड़ भी दिया जाए तो टीम इंडिया ने जब भी श्रीलंका का दौरा किया तब उन्हें या तो हार का सामना करना पड़ा या पिफर ड्राॅ से ही उन्हें संतुष्ट करना पड़ा। गुजरे वर्षों के परिणामों को देखते हुए कहा ही जा सकता है कि विराट कोहली के लिए श्रीलंका का मौजूदा दौरा भी कांटों की सेज की तरह ही नजर आता है। भारत और श्रीलंका के बीच मौजूदा टेस्ट श्रृंखला श्रीलंकाई क्रिकेट के एक सुनहरे बल्लेबाजी इतिहास का इफ्रतेदाम हो जाएगा क्योंकि भारत के खिलापफ पहले दो टेस्ट खेलने के बाद श्रीलंका के करिश्माई बल्लेबाज कुमार संगकारा इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने वाले हैं। लंबे अर्से से अपने मुल्क की बेहतरीन नुमाइंदगी करते आ रहे संगकारा के लिए यह श्रृंखला कापफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। बहरहाल, देखना यह है कि विराट कोहली की टीम श्रीलंका पर पफतह कर पाती है या नहीं? त्र


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