December 12, 2017

राजनीतिक पार्टियों में घमासान

Photo GalleryBy wmadmin123 - Tue Oct 22, 7:58 am

सीवान में भाजपा, जदयू, राजद, कांगzेस, भाकपा ;मालेद्ध समेत तमाम पार्टियां अपनी राजनीतिक धर तेज करने में जुट गयी हैं। इसी सिलसिले में पार्टियों के कार्यकर्ता सम्मेलन, बैठक, संवाद कार्यक्रम, सभा, प्रतिवाद मार्च जैसे कार्यक्रमों का आयोजन कर ये पार्टियां अपनी गतिविध्यिां तेज कर चुकी हैं। लोकसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच अपनी चुनावी पटरी की मरम्मत में लग गयी हैं। यह दीगर बात है कि बड़े कार्यक्रमों के दौरान पार्टी के अंदर का अंतर्कलह भी उभरकर सतह पर आ जाता है, गुटबाजी दिखने लगी है और महत्वाकांक्षाओं की टकराहट में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ जाता है।
इन्हीं कार्यक्रमों के तहत भाजपा द्वारा 07 सितंबर को जिला मुख्यालय के गांध्ी मैदान में विश्वासघात सभा जिलाध्यक्ष प्रो. अभिमन्यु कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय, पूर्व उपमुख्यमंत्राी सुशील कुमार मोदी, प्रतिपक्ष के नेता नंदकिशोर यादव, पूर्व मंत्राी गिरिराज सिंह, पूर्व मंत्राी रामाधर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी, विधन पार्षद मनोज कुमार सिंह, विधयक भूपेन्दz नारायण सिंह उपर्फ चुन्नू बाबू, विधयक व्यास देव प्रसाद, विधयक विक्रम कुंवर, विधयक आशा पाठक, विधयक रामायण मांझी, डा. देव रंजन सहित पार्टी के सभी नेता कार्यकर्ता मौजूद थे। इसे 24 अक्टूबर को पटना गांध्ी मैदान में आयोजित होने वाली हुंकार रैली का हिस्सा बताया जा रहा है जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्राी व एनडीए के प्रधनमंत्राी के दावेदार नरेंदz मोदी का संबोध्न होगा। उसके बाद चल रहा सम्मेलनों का सिलसिला शुरू हो चुका है। टाउन हाWल सीवान में युवा राजद का कार्यकर्ता सम्मेलन 21 सितंबर 2013 को युवा जिलाध्यक्ष इमरानुल्लाह अंसारी उपर्फ बबलू की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इसका संचालन राजद के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी परमात्मा ने किया। पूर्व सांसद आलोक कुमार मेहता, युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधयक शिवचंदz राम, प्रदेश प्रवक्ता रणवीर यादव, प्रांतीय उपाध्यक्ष व प्रखंड प्रमुख चंदिzका यादव, पूर्व विधयक सत्यदेव सिंह, पूर्व प्रत्याशी ध्र्मेन्दz कुमार उपर्फ मुन्ना वर्मा, पूर्व विधयक मानकचंद राय, अकलियत के प्रदेश महासचिव मो. एहतशामुल हक सिीकी, हमीद रजा खान उपर्फ डब्लू खान, मो. मोबिन अध्विक्ता युवा नेता अली हुसैन अंसारी सहित अन्य नेता-कार्यकर्ता उपस्थित हुए। लेकिन इस कार्यक्रम के केंदz में थे-राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के उत्तराध्किारी पुत्रा व युवा राजद नेता तेजस्वी यादव।

उसके बाद गांध्ी मैदान में ही जदयू का कार्यकर्ता सम्मेलन जिलाध्यक्ष मंसूर आलम की अध्यक्षता में 25 सितंबर को संपन्न हुआ। इसमें जदयू के राष्ट्रीय महासचिव व गzामीण कार्यमंत्राी भीम सिंह, राष्ट्रीय महासचिव गुलाम रसूल बलियावी, मंत्राी गौतम सिंह, प्रदेश सचिव व संगठन प्रभारी जगनारायण यादव, प्रो. रणवीर नंदन, विधयक श्याम बहादुर सिंह, विधयक कविता सिंह, विधयक दामोदर सिंह, मुर्तुजा अली पैगाम, श्रीनिवास यादव, अशरपफ अंसारी, गौतम यादव, इंदzदेव सिंह पटेल, पूर्व जिला पार्षद जुल्पफेकार अहमद उपर्फ मिठू बाबू, मोहम्मद अली अंसारी सहित अच्छी संख्या में नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए। लेकिन सम्मेलन के दौरान उस वक्त अपफरा-तपफरी मच गयी जब जदयू विधयक ;दरौंदाद्ध कविता सिंह व उनके पति अजय सिंह मंच से उतर कर कार्यक्रम के बीच से ही चल दिए। दरअसल, कुख्यात खान बंध्ु ;अयूब-रईसद्ध के छोटे भाई चांद खान के भाषण के दौरान उनके समर्थकों ने गगनभेदी नारे लगाना शुरू कर दिया। दबंग अजय सिंह और कुख्यात खान बंध्ु के बीच कभी पटरी नहीं जम सकी है। दोनों एक ही इलाके के हैं। अजय, चांद खान के जदयू में शामिल किये जाने से पहले से ही नाराज चल रहे हैं। बताते चलें कि अजय सिंह की मां स्व. जगमातो देवी भी इस क्षेत्रा का बतौर विधयक प्रतिनिध्त्वि कर चुकी हैं और अजय सिंह का प्रदेश के मुख्यमंत्राी नीतीश कुमार से अच्छे संबंध् रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक श्री सिंह के बिदकने का अलग मायने-मतलब निकालने लगे हैं।

विधयक कविता देवी और उनके पति अजय सिंह ने आरोप लगाया कि सम्मानित व जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। कविता देवी ने कहा कि कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान आपराध्कि चरित्रा के लोगों को शामिल कर पार्टी के सि¼ांतों की तिलांजली दी जा रही है। यह दीगर बात है कि कार्यक्रम के दौरान कई बार मंच पर जेडीयू कार्यकर्ता व्यवस्था को लेकर आपस में नोंक-झोंक करते रहे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी कार्यकर्ताओं का उलझना पार्टी के तहखाने में कुछ गड़बड़ होने का संकेत दे गया हालांकि मंचासीन पूर्व मंत्राी अवध् बिहारी चौध्री, पूर्व मंत्राी इंदzदेव प्रसाद, पूर्व एमएलसी चंदzमा सिंह आदि ने स्थिति सामान्य बनाने का भरसक प्रयास किया।

इध्र 26 सितंबर को नगर के इंदिरा स्मृति भवन में कांगzेस संवाद कार्यक्रम में भी प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन तलाशती कांगzेस को उस वक्त ध्क्का लगा, जब कुछ कांगzेसी जिले के कावर नेता व पूर्व मंत्राी विजय शंकर दूबे के खिलापफ बगावती तेवर अपनाते हुए जमकर हंगामा किया और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए नारेबाजी की। इसका विरोध् दूबे समर्थकों ने किया और मारपीट की नौबत आ गयी। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि संवाद कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौध्री, आWल इंडिया कांगzेस के सचिव व विधयक परेश ध्नानी सहित अन्य प्रांतीय नेता की मौजूदगी में यह हाईटेक ड्रामा हुआ। हालांकि बाद में जिलाध्यक्ष रामराज सिंह ने अनुशासनहीनता व पार्टी विरोध्ी गतिविध्यिों में संलिप्त करार देते हुए कुछ कांगzेसियों को छह वर्षों के लिए पार्टी से बाहर कर दिया। पार्टी से निष्कासित नेताओं में आजाद अलख ;बड़हरियाद्ध, बच्चा तिवारी व सिसवन युवा प्रखंडाध्यक्ष परवर आलम ;दोनों सिसवनद्ध व विध्ुशेखर पांडेय ;बसंतपुरद्ध शांमिल हैं। सीवान लोकसभा के पूर्व युवा जिलाध्यक्ष रिजवान अहमद ने पूरे घटनाक्रम को अपफसोसजनक बताते हुए कहा है कि कांगzेस की बढ़ती लोकप्रियता से घबड़ाये हुए अन्य दलों के बहकावे में आये हुए लोग ही ऐसी हरकत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह कांगzेस की परंपरा व मर्यादा के खिलापफ है। अनुशासन ही कांगzेस की जान है। इन तमाम दलीलों के बावजूद जिले में कांगzेस गुटबाजी का शिकार है और आपस में तालमेल के अभाव के साथ ही पार्टी मंे पारदर्शिता नहीं है जिसके पफलस्वरूप कुछ कांगzेसियों ने बगावती तेवर दिखाकर पार्टी के अनुशासन को तार-तार कर दिया।

बहरहल, तमाम दलों के बीच हल्की-पफुल्की गुटबाजी और वैचारिक मतांतर हैं जहां तक भाजपा का सवाल है तो तहखाने में जो भी हो रहा है लेकिन पिफलहाल भाजपा के मंच पर कांगzेस व जदयू की तरह अनुशासनहीनता नजर नहीं आयी। तहखाने की बात करें तो निर्दलीय सांसद ओमप्रकाश यादव के बीजेपी में वापस को लेकर भी खींचतान होने की संभावना है। उनके भाजपा में आगमन को लेकर जहां एक तबका खुश है तो दूसरे तबके में नाराजगी देखी जा रही है। विधनपार्षद व वन एवं पर्यावरण विभाग के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह संसदीय चुनाव लड़ने के मूड में हैं। लगातार कई चुनावों में मिली सपफलता से उनका और उनके समर्थकों का मनोबल कापफी बढ़ा है। ऐसे में श्री सिंह व श्री यादव के समर्थक अपने-अपने नेताओं को प्रत्याशी बनने में लगे हैं। हालांकि श्री सिंह कहते हैं कि भाजपा आलाकमान और संसदीय क्षेत्रा की जनता पर ही उनका चुनाव लड़ना निर्भर है।

जहां तक राजद में गुटबाजी का सवाल है तो सीवान राजद पूर्व बाहुबली राजद सांसद मो. शहाबुीन के इशारे पर चलता है। राजद के तमाम नेता व कार्यकर्ता पर 2004 से ही जेल में बंद पूर्व राजद सांसद मो. शहाबुीन की पकड़ कापफी मजबूत बतायी जाती है। तमाम नेता-कार्यकर्ता मो. शहाबुीन के प्रति आज भी प्रतिब¼ है। ऐसे में गुटबाजी का सवाल नहीं उठता। सीवान में राजद के नेता-कार्यकर्ता एकजुटता से काम कर पूर्व राजद सांसद की नजर में अपना परपफाWरमेंस ठीक-ठाक रखना चाहते हैं।

इध्र भाकपा ;मालेद्ध ने भी अपनी राजनीतिक-गतिविध्यिां तेज कर दी है। प्रतिवाद सभाओं, प्रतिवाद मार्च, कार्यकर्ता सम्मेलन ;कैडर कंवेंशनद्ध आदि के माध्यम से माले भी पार्टी को सांगठनिक तौर पर मजबूत करने साथ ही अपने खास वोटरों तक पहुंच बनाने की कोशिश में जुटी है। चूंकि माले कैडर बेस्ड पार्टी हैं ऐसे में अनुशासनहीनता का कम गुंजाइश होती है। उसके मुे व जनता तक पहुंचन के तरीके भी अलग हैं। खासतौर पर माले व्यवस्था में आयी कमियों के खिलापफ जनमुों को आधर बनाकर अपनी राजनीतिक धर मजबूत करती रही है।

जहां तक लोकसभा चुनाव का सवाल है तो कयास लगाया जा रहा है कि भाजपा, जदयू, राजद के साथ ही भाकपा ;मालेद्ध भी चुनाव लड़ेगी। राजद को छोड़ अन्य दलों के संसदीय प्रत्याशी बनने वाले के बारे में कह पाना कठिन है। क्योंकि राजनीति के करवट बदलने के साथ ही प्रत्याशी भी बदल सकते हैंं। तहखाने की माने तो राजद के संसदीय प्रत्याशी हिना शहाब हो सकती हैं।

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